कांकेर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के लगातार आत्मसमर्पण की खबरें सामने आ रही हैं। आज कांकेर पुलिस के सामने कुल 4 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिन पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम था। इसमें 2 महिला और 2 पुरुष नक्सली शामिल हैं।
कांकेर एसपी इंदिरा कल्याण एलिसेला ने बताया कि सरेंडर करने वाले प्रमुख नक्सली कैडरों ने भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का संकल्प लिया है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक नक्सली को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
सरेंडर करने वाले नक्सली
- काजल उर्फ रजीता वेडवा (कंपनी नंबर 10) – 8 लाख का इनाम, साल 2021 में संगठन में शामिल, मदनवाड़ा घटना में शामिल।
- मंजूला उर्फ लक्ष्मी पोटाई (उत्तर बस्तर टेक्निकल टीम) – 5 लाख का इनाम, 2005 से सक्रिय, 16 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल।
- विलास उर्फ धौतु उसेंडी (डीके टेक्निकल प्लाटून नंबर 50) – 5 लाख का इनाम, 1995 से संगठन में भर्ती।
- रामसाय उर्फ लखन मर्रापी (बड़गांव एलओएस उप कमांडर) – 5 लाख का इनाम, 2004 से सक्रिय, 42 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल।
सरेंडर और पुनर्वास पर पुलिस का संदेश
कांकेर एसपी ने बताया कि अब भी 20 से 25 नक्सली जंगलों में सक्रिय हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे समय रहते सरेंडर कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। सरकार की पूना मारगेम पुनर्वास नीति नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए आकर्षित कर रही है।








