कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार खतरनाक रूप लेता जा रहा है। छात्रावास के दो छात्रों और एक अन्य छात्रा की मौत के बाद, अब भानुप्रतापपुर ब्लॉक के चिच गांव से एक महिला की मलेरिया से मौत का मामला सामने आया है। इस लगातार होती मौतों से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है, जबकि कई छात्र अभी भी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
चिच गांव में महिला की दर्दनाक मौत
मिली जानकारी के अनुसार, भानुप्रतापपुर ब्लॉक के चिच गांव की रहने वाली महिला राकेश्वरी कोला को तेज बुखार की शिकायत थी। इसके बाद उनका ब्लड सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। शुरुआती तौर पर मितानिन द्वारा दवाइयां भी दी गईं, लेकिन उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। देर रात स्थिति अचानक गंभीर होने पर जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में भर्ती हैं कई छात्र, रायपुर रेफर
जिले में मलेरिया का संक्रमण किस हद तक फैल चुका है, इसका अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
- मलेरिया से पीड़ित 10 से ज्यादा छात्र अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
- गंभीर हालत को देखते हुए 2 छात्रों को रायपुर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
- इससे पहले भी छात्रावास के दो छात्रों और एक अन्य छात्रा की मलेरिया के कारण जान जा चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने की हाई-लेवल मीटिंग, प्रशासन अलर्ट पर
लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में गंभीर चिंता का माहौल है। बढ़ते प्रकोप के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंगलवार को अचानक कांकेर पहुंचे।
उन्होंने बस्तर संभाग के सभी प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय (हाई-लेवल) बैठक की और मलेरिया की रोकथाम के लिए कड़े निर्देश दिए। प्रशासन ने अब जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रख दिया है और छात्रावास-आश्रमों में विशेष मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों की लगातार जांच की जा रही है।










