बिलासपुर, 11 जून: न्यायधानी बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां दो पीड़ित माताएं व्यवस्था के खिलाफ अपना आक्रोश जताते हुए और न्याय की गुहार लेकर हाथों में चूड़ियां थामे सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंच गईं। माताओं का आरोप है कि उनकी 7 और 8 साल की दो मासूम बेटियों के साथ पड़ोस में ही रहने वाले एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़के ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
बहला-फुसलाकर घर ले गया और किया दुष्कर्म
शिकायत के अनुसार, यह पूरी वारदात 28 मई की है:
खेल रही थीं बच्चियां: क्षेत्र की एक कॉलोनी में दोनों मासूम बच्चियां घर के बाहर खेल रही थीं।
दरिंदगी की वारदात: इसी दौरान पड़ोस का रहने वाला 17 वर्षीय नाबालिग लड़का बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया और दोनों के साथ दुष्कर्म किया।
गवाह ने देखा: पड़ोस में ही रहने वाली एक महिला ने आरोपी की इस करतूत को देख लिया और तुरंत इसका विरोध किया। पकड़े जाने के डर से आरोपी मौका पाकर खिड़की के रास्ते वहां से भाग निकला।
पुलिस पर संरक्षण देने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप
पीड़ित बच्चियों की माताओं ने सिरगिट्टी थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद संगीन और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:
आरोपी को संरक्षण: माताओं का कहना है कि सिरगिट्टी थाना प्रभारी (TI) और एक महिला कांस्टेबल लगातार आरोपी को संरक्षण देते रहे।
बंद कमरे में गलत पूछताछ: आरोप है कि पुलिस ने समय पर बच्चियों का मेडिकल चेकअप तक नहीं कराया। उल्टा, महिला कांस्टेबल ने मासूम बच्चियों को एक बंद कमरे में रखकर उनके साथ गलत तरीके से पूछताछ की और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
न्याय के लिए SP दफ्तर का घेराव, ‘फांसी या उम्रकैद’ की मांग
थाना स्तर पर सुनवाई न होने और पुलिस के रवैए से आक्रोशित होकर दोनों माताएं बिलासपुर एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने व्यवस्था को चूड़ी दिखाते हुए आरोपी के लिए फांसी की सजा या उम्रकैद की मांग की है।
एसएसपी (SSP) का तुरंत एक्शन:
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सिटी एसएसपी को दो घंटे के भीतर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट सामने आते ही कानून के मुताबिक सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।










