राजधानी रायपुर के सबसे चर्चित मित्तल हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगे हैं। अस्पताल पर न केवल मरीजों से अवैध वसूली करने का आरोप है। बल्कि अब अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज के परिजनों को धमकाने का मामला भी सामने आया है।
पीड़ित परिवार ने CG UNFILTRED को बताया कि, अल्बर्ट एक्का नामक मरीज को ब्रेन हेमरेज की स्थिति में इलाज के लिए मित्तल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अस्पताल ने परिवार से आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लगभग 3 लाख रुपए का भुगतान कराया इसके साथ ही 3 लाख 8 हजार रुपए नगद भी वसूले गए। लेकिन मरीज की इलाज के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद जब परिजनों ने बिल की मांग की तो अस्पताल प्रबंधन ने बिल देने से साफ इंकार कर दिया।
पीड़ित परिवार ने बताया कि इस मामले कि शिकायत उन्होंने रायपुर सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी से की है। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से पीड़ित परिवार को धमकी भरे फोन कॉल आने लगे। वहीं इन सब मामलों में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. सुमन मित्तल ने कहा कि मित्तल हॉस्पिटल पर लगे सभी आरोप निराधार हैं। मित्तल हॉस्पिटल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। डॉ सुमन मित्तल ने पीड़ित परिजनों पर ही अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार अस्पताल प्रबंधन से 1 करोड़ रुपए की डिमांड की है।
वहीं जब CG UNFILTRED की टीम ने रायपुर सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है, और कार्रवाई के लिए उन्होंने निर्देशित कर दिया है। हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से मिल रही धमकी को लेकर पीड़ित परिवार ने रायपुर के पंडरी थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। वहीं इस मामले में पंडरी मोव थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। जिसपर कार्रवाई जारी है।
बता दें, कि पीड़ित परिवार ने हॉस्पिटल प्रबंधन की शिकायत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुख्य सचिव से भी की है। बहरहाल अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में आगे और क्या कार्रवाई की जाती है।









