बीजापुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को पोलित ब्यूरो सदस्य थीपरी तिरुपति उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
देवजी के साथ केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर और स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा ने भी आत्मसमर्पण किया। यह पहली बार है कि दो केंद्रीय स्तर के माओवादी नेताओं ने एक साथ सरेंडर किया, जिसे नक्सलवाद पर बड़ी विजय के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सक्रिय CPI (माओवादी) बलांगीर-बरगड़-महासमुंद (BBM) डिवीजन के 15 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने का ऐलान किया। पश्चिम सब-ब्यूरो सचिव ‘विकास’ ने गृह मंत्री विजय शर्मा को पत्र भेजकर बताया कि सभी सदस्य मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार हैं और सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं।
गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार पुनर्वास नीति पर काम कर रही है और जल्द ही सभी नक्सली सदस्यों के लिए वीडियो संदेश जारी किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह नक्सल संगठन के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है और इसका माओवादी गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।










