बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के कोटराही गांव में एक मासूम नवजात बच्ची को लावारिस हालत में झाड़ियों के बीच फेंक दिया गया।
कड़ाके की धूप और असुरक्षित वातावरण के बीच घंटों रहने के कारण बच्ची के कोमल शरीर पर चींटियों ने हमला कर दिया था, जिससे उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
कैसे बची मासूम की जान?
यह घटना तब प्रकाश में आई जब गांव की कुछ महिलाएं सुबह महुआ चुनने के लिए जंगल की तरफ गई थीं। सन्नाटे के बीच उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब महिलाओं ने झाड़ियों को हटाकर देखा, तो वहां एक नवजात बच्ची पड़ी तड़प रही थी। महिलाओं ने तुरंत बच्ची को गोद में उठाया और उसे सुरक्षित स्थान पर लाकर चाइल्डलाइन को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और चाइल्डलाइन की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
हालत नाजुक, अंबिकापुर रेफर
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि बच्ची के शरीर पर चींटियों के काटने के गहरे निशान हैं और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। बेहतर देखभाल और विशेषज्ञ इलाज के लिए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है। इस अमानवीय कृत्य को लेकर इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।










