Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

CG NEWS: कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह पेश, 4 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर

Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को झारखंड से प्रोटेक्शन वारंट पर लाकर कोर्ट में पेश कर दिया गया, जहां कोर्ट ने 4 दिन की रिमांड मंजूर ली. रायपुर पुलिस रिमांड में लेकर गहन पूछताछ करेगी. मयंक सिंह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा रहा है. अमन साहू गैंग के सोशल मीडिया हैंडलर व मास्टरमाइंड के रूप में जाना जाता है. उसके खिलाफ रंगदारी वसूली के 50 से अधिक मामले दर्ज हैं. अब उसे 27 दिसंबर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा.

कुछ माह पहले अमन साहू के रायपुर से झारखंड ले जाते समय हुए एनकाउंटर के बाद मयंक ने गैंग का संचालन संभाला था. मयंक सिंह, राजस्थान का निवासी है. 29 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान के बाकू एयरपोर्ट पर इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर गिरफ्तार किया गया था. रामगढ़ के पतरातु थाना कांड में सबूत मिलने के बाद झारखंड ATS ने प्रत्यर्पण संधि के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की और अगस्त 2025 में उसे भारत लाया गया.

रांची कोर्ट में पेशी के बाद रिमांड मिली, लेकिन रायपुर पुलिस ने प्रोटेक्शन वारंट जारी कर उसे छत्तीसगढ़ लाई. एसपी क्राइम संदीप मित्तल ने बताया, “मयंक के खिलाफ रंगदारी, हत्या और जबरन वसूली के 50 से अधिक मामले हैं. अमन साहू एनकाउंटर के बाद उसने गैंग को ऑपरेट किया. पूछताछ से नेटवर्क उजागर होगा.” आगे कहा, मयंक को रांची जेल से लाकर रायपुर सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां रिमांड के लिए आवेदन दाखिल किया गया.

पुलिस का ऐतिहासिक कदम
यह प्रत्यर्पण झारखंड पुलिस का ऐतिहासिक कदम था, जहां ATS ने पहली बार विदेश से गैंगस्टर को लाई. मयंक पर झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में 50 से अधिक केस हैं, जिसमें रंगदारी और सोशल मीडिया के जरिए धमकियां शामिल हैं. अमन साहू के मारे जाने के बाद मयंक ने गैंग को नई जान फूंकी. लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़ गया. पुलिस का दावा है कि रिमांड से अन्य सदस्यों का खुलासा होगा.

रायपुर के इस बड़े कांड में आया था नाम
जुलाई 2024 में रायपुर के सिविल लाइंस इलाके में PRA ग्रुप के संचालक प्रहलाद राय के दफ्तर पर बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. सीसीटीवी फुटेज में हमलावर हवा में और कारोबारी की कार पर गोलियां चलाते नजर आए थे. पुलिस जांच में इस हमले के पीछे मयंक सिंह का हाथ होने की पुष्टि हुई. बताया जाता है कि करोड़ों रुपये की रंगदारी न देने पर मयंक ने इस हमले की साजिश रची थी.

Related Posts

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर 17 सितम्बर 2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के…

सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’

तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा से मुख्यमंत्री ने की…

पुलिस वाहन से सामान चोरी का वीडियो वायरल, टीआई बोलीं- ‘डायरी निकाली थी, चोरी जैसी कोई बात नहीं’

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के आजाद चौक इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया…

1 of 468