कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में धान संग्रहण केंद्रों से करोड़ों रुपये का धान गायब होने के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। करीब 26 हजार क्विंटल धान गायब होने (जिसकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये है) के बाद, अब प्रशासन ने दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आज कुकदूर धान खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधक पर 15 लाख रुपये के धान गबन के आरोप में कुकदूर थाने में FIR दर्ज की गई है।
अधिकारी का ‘चूहा पुराण’: चोरी नहीं, दीमक और चूहों ने खाया धान!
यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब इतनी बड़ी मात्रा में धान गायब होने पर जिम्मेदार अधिकारी ने एक हैरान करने वाला बयान दिया। अधिकारी का कहना है कि धान चोरी नहीं हुआ और न ही उसे बेचा गया है, बल्कि चूहे, दीमक और कीड़े पूरा धान खा गए।
इतना ही नहीं, अपनी नाकामी पर पर्दा डालते हुए अधिकारी ने बेशर्मी से यह भी कह दिया कि “प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति कवर्धा से भी ज्यादा खराब है और हमारी स्थिति बाकी जगहों से बेहतर है।” इस बयान ने धान संग्रहण व्यवस्था की सुरक्षा और प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है।
एसपी की सख्ती: दोषियों पर FIR का सिलसिला जारी
जिले के एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि जहां भी गड़बड़ी या गबन की शिकायत मिलेगी, वहां तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।
7 करोड़ रुपये का धान गायब होना केवल ‘चूहों’ की करामात है या इसके पीछे अफसरों और प्रबंधकों का कोई बड़ा गठजोड़, यह जांच का विषय है। अधिकारी द्वारा पूरे प्रदेश की व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करना यह बताता है कि धान खरीदी और संग्रहण में किस कदर लापरवाही बरती जा रही है। फिलहाल, प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आने वाले दिनों में कई और प्रबंधकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।









