अंबिकापुर/मैनपाट। छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट (सरगुजा जिला) में पीलिया (Jaundice) फैलने की खबर से हड़कंप मच गया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक महीने के भीतर पीलिया से पीड़ित 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग बीमार हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आ गई है। शुक्रवार को स्वास्थ्य अमले ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पानी के सैंपल कलेक्ट किए हैं।
दूसरी ओर, सरगुजा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने केवल 2 मौतों की पुष्टि की है और क्षेत्र में पीलिया का ‘प्रकोप’ या महामारी जैसी स्थिति होने से इनकार किया है।
इन इलाकों में फैला संक्रमण, ग्रामीणों ने बताई 5 मौतें
जानकारी के अनुसार, मैनपाट के नर्मदापुर, कुनिया और बरिमा इलाके में पिछले करीब एक महीने से लोग लगातार पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। पीड़ितों का इलाज अंबिकापुर और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जिन 5 लोगों की जान गई है उनमें शामिल हैं:
- जितेन्द्र यादव (पूर्व उप सरपंच, कुनिया)
- भाग्यवती यादव (नर्मदापुर)
- विकास यादव (कक्षा 9वीं का छात्र, बरिमा)
- बइगहवा गांव की एक युवती और एक अन्य ग्रामीण।
स्वास्थ्य विभाग की दलील: “प्रकोप नहीं, 2 की ही पुष्टि”
मामले की जानकारी मिलने के बाद सरगुजा सीएमएचओ (CMHO) डॉ. पी.एस. मार्को ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौतों के आंकड़ों पर स्वास्थ्य विभाग का पक्ष रखते हुए कहा:
- पुष्टि: कुनिया निवासी जितेंद्र यादव (30 वर्ष) और नर्मदापुर निवासी भाग्यवती यादव (50 वर्ष) की मौत पीलिया के कारण होने की प्राथमिक जानकारी मिली है।
- क्रोनिक डिजीज: जितेंद्र यादव को पहले से क्रोनिक लीवर डिजीज (लीवर की पुरानी बीमारी) भी थी।
- जांच जारी: अन्य मौतों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग की टीम जानकारी जुटा रही है। जिन परिवारों में मौतें बताई जा रही हैं, वहां फिलहाल पीलिया का कोई नया मरीज नहीं मिला है। ये सभी मौतें 10 से 12 दिन पहले हुई हैं।
दूषित पानी की आशंका, लिए गए सैंपल
पीलिया फैलने की मुख्य वजह दूषित पेयजल को माना जा रहा है। बीमारी के सही कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुनिया गांव में चार अलग-अलग जल स्रोतों (Handpumps/Water sources) से पानी के सैंपल लिए हैं। इसी तरह नर्मदापुर और बरिमा से भी पानी के सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
अधिकारियों की अपील: स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से पानी उबालकर पीने और आस-पास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। डॉक्टरों की टीम प्रभावित क्षेत्रों में कैंप लगाकर मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही है।










