Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

SIR पर सियासत: पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने ‘विशेष मतदाता पुनरीक्षण’ को बताया असंवैधानिक, उठाए सवाल

अंबिकापुर। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर देश सहित छत्तीसगढ़ में भी सियासत गरमा गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस प्रक्रिया को वैध ठहराए जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव ने इस पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। सिंहदेव ने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए आशंका जताई है कि इससे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।


“पात्र मतदाताओं के नाम हटने की आशंका, लोकतंत्र होगा कमजोर”

पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा:

  • अधिकारों से खिलवाड़: मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • पारदर्शिता की कमी: इस विशेष प्रक्रिया के जरिए पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से कटने की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र को कमजोर करेगा।
  • निष्पक्षता जरूरी: देश का संविधान हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान का अधिकार देता है। इसलिए चुनाव आयोग की किसी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता होना अनिवार्य है। अगर बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटते हैं, तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?

एक तरफ जहाँ इस प्रक्रिया पर राजनीतिक सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश की सर्वोच्च अदालत इस पर अपना रुख साफ कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि:

“स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए मतदाता सूची का पूरी तरह शुद्ध और अपडेट (अद्यतन) होना अनिवार्य है। इसके लिए चुनाव आयोग के पास विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कराने का पूरा कानूनी अधिकार है।”

आने वाले दिनों में और गर्माएगा मुद्दा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह हमलावर है। टी.एस. सिंहदेव के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं, क्योंकि आगामी चुनावों के लिहाज से मतदाता सूची का यह मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।


इस खबर के लिए कुछ अन्य आकर्षक विकल्प (Titles):

  1. सिंहदेव का बड़ा बयान: ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ असंवैधानिक, मतदाता सूची से कट सकते हैं पात्र लोगों के नाम
  2. मतदाता सूची पुनरीक्षण पर रार: सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया वैध, छत्तीसगढ़ में टीएस सिंहदेव बोले- ‘नागरिकों के अधिकारों से खिलवाड़’
  3. चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सिंहदेव की आपत्ति: बोले- SIR से लोकतंत्र होगा कमजोर, निष्पक्षता पर उठाए सवाल

Related Posts

PGBT कॉलेज में फर्जीवाड़े का आरोप, प्राचार्य के फर्जी हस्ताक्षर से 5 शिक्षकों का तबादला कराने का मामला दर्ज

बिलासपुर। बिलासपुर के तारबाहर स्थित PGBT कॉलेज में कथित दस्तावेजी फर्जीवाड़े का…

बिलासपुर में सरकारी स्कूल के छात्रों का फूटा गुस्सा, कॉपी के पन्ने पर शिकायत लिख कलेक्टर के पास पहुंचे

बिलासपुर। जिले के मल्हार स्थित एक शासकीय स्कूल की शिक्षा व्यवस्था को लेकर…

1 of 475