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रायपुर DMF घोटाला: रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा गिरफ्तार, 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड

रायपुर। जिला खनिज न्यास निधि (DMF) घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि यह मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद टुटेजा को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।


पहले भी रहे हैं आरोपित

गौरतलब है कि अनिल टुटेजा शराब और कोल लेवी घोटाले में भी आरोपित रह चुके हैं और फिलहाल उन मामलों में जमानत पर बाहर थे। अब DMF प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज हो गई है।


डिजिटल सबूतों से घिरते गए टुटेजा

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वर्ष दर्ज DMF प्रकरण की विस्तृत जांच के दौरान टुटेजा के खिलाफ पुख्ता डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और कई लोगों के बयान मिले हैं।

जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर चहेते व्यक्तियों और फर्मों को करोड़ों रुपये के काम दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।


रिश्तेदारों के जरिए कमीशन का खेल

एजेंसी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के जरिए विभिन्न फर्मों से कथित तौर पर मोटा कमीशन लिया और DMF मद के कार्य आवंटित कराए।

उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड़यंत्र और भ्रष्ट आचरण जैसे गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया स्थापित पाए गए हैं।


चार दिन की रिमांड, खुल सकते हैं कई राज

विशेष न्यायालय ने EOW की दलीलों को स्वीकार करते हुए चार दिन की रिमांड मंजूर की है। इस दौरान ब्यूरो टुटेजा से घोटाले के अन्य लाभार्थियों, कथित सिंडिकेट नेटवर्क और धन के लेन-देन के स्रोतों को लेकर गहन पूछताछ करेगा।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि हाल ही में गिरफ्तार होटल कारोबारी सतपाल सिंह छाबड़ा से मिले इनपुट के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। मामले की जांच जारी है और आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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