रायपुर: राजधानी से सटे तिल्दा-नेवरा इलाके में बुधवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बदमाशों ने एक सरकारी शराब दुकान पर धावा बोलकर चार कर्मचारियों का सरेराह अपहरण कर लिया। दो गाड़ियों में भरकर आए बदमाशों ने भीड़ के सामने कर्मचारियों की पिटाई की और उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। इस पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
भीड़ बनी रही तमाशबीन, डंडों के दम पर वारदात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय दुकान में ग्राहकों की भारी भीड़ थी। तभी अचानक दो संदिग्ध वाहन रुके और उनमें से युवक नीचे उतरे। बदमाशों ने पहले दुकान के भीतर घुसकर विवाद किया और फिर लाठी-डंडों के दम पर चार कर्मचारियों को खींचते हुए गाड़ियों में डाल लिया। हैरानी की बात यह है कि दर्जनों लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी ने भी बदमाशों को रोकने का साहस नहीं दिखाया।
देर रात छूटे कर्मचारी, पर शिकायत से डर?
मीडिया में खबर फैलते ही अपहरणकर्ताओं के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने पकड़े गए कर्मचारियों को देर रात सुरक्षित छोड़ दिया। कर्मचारी वापस दुकान तो लौट आए और पुलिस को अपने ‘सकुशल’ होने की सूचना भी दी, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी पीड़ित कर्मचारी ने थाने में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
चंदा और अवैध तस्करी का ‘खूनी’ कनेक्शन!
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी वारदात के पीछे दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं: कुछ दिन पहले गांव के एक कार्यक्रम के लिए शराब दुकान के मैनेजर से मोटी रकम की मांग की गई थी। चंदा न देने पर बदमाशों ने अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इलाके में अवैध शराब बेचने वाले गिरोह और दुकान के कर्मचारियों के बीच पुराने विवाद की भी चर्चा है।
पुलिस की कार्रवाई: वीडियो फुटेज से पहचान शुरू
भले ही कर्मचारी शिकायत करने से हिचक रहे हों, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि उन गाड़ियों और बदमाशों तक पहुंचा जा सके।









