सारंगढ़। सारंगढ़ जिले के बरमकेला ब्लॉक में सरपंचों ने कथित फर्जी पत्रकारों और अवैध उगाही के खिलाफ एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। सरपंच संघ बरमकेला ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
सरपंचों का कहना है कि पत्रकारिता की आड़ में कुछ लोग ग्राम पंचायतों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अवैध वसूली का प्रयास कर रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और वास्तविक पत्रकारों की छवि भी धूमिल हो रही है।
चेक डेम निर्माण के दौरान लगा आरोप
शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत करपी में निर्माणाधीन चेक डेम कार्य के दौरान कथित पत्रकार दिनेश जायसवाल और सुनील टंडन पर अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही अजय साहू के नाम से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। सरपंच संघ का आरोप है कि बाहर से आए कुछ लोग पत्रकारिता का परिचय देकर दबाव बनाते हैं और धन की मांग करते हैं।
बैठक में स्थानीय पत्रकारों का समर्थन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच संघ ने स्थानीय पत्रकारों को बैठक में आमंत्रित कर सहमति और समर्थन लिया। बैठक में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के कार्यकारी जिलाध्यक्ष देवराज दीपक, जिलाध्यक्ष नरेश चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष सुधीर चौहान, कबीर दास मानिकपुरी, शोभादास मानिकपुरी सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि फर्जी पत्रकारों की गतिविधियों से निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है और ऐसे तत्वों पर कार्रवाई आवश्यक है।
सरपंच संघ का दो टूक संदेश
सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष खगेश्वर रात्रे ने कहा, “हम विकास कार्यों में पारदर्शिता के पक्षधर हैं, लेकिन यदि कोई पत्रकारिता की आड़ में अवैध उगाही करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की अपेक्षा है।”
ब्लॉक अध्यक्ष मोहन पटेल ने स्पष्ट कहा, “सरपंच जनसेवा के लिए चुने जाते हैं। उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फर्जी पत्रकारों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।”
पत्रकार सुरक्षा समिति का पक्ष
जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा, “पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। कुछ तथाकथित लोग इसकी गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।”
कार्यकारी जिलाध्यक्ष देवराज दीपक ने कहा, “हम निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के पक्षधर हैं। पत्रकारिता के नाम पर अवैध उगाही करने वाले समाज और मीडिया दोनों के लिए कलंक हैं। प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए, ताकि सच्चे पत्रकारों का सम्मान बना रहे।”
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
सरपंच संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिकायत की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्य बिना किसी दबाव के सुचारु रूप से चलते रहें।








