अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी एक 28 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान मो. इरफान (पिता मो. इब्राहिम) के रूप में हुई है, जो रायपुर में एक निजी कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager) के पद पर कार्यरत था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इरफान 25 मार्च को दुर्ग-अंबिकापुर ट्रेन से यहां पहुंचा था और शहर के ब्रम्ह रोड स्थित एक होटल में ठहरा था। बुधवार शाम उसने अपने कुछ परिचितों के साथ होटल में खाना भी खाया और सामान्य बातचीत की। घटना का खुलासा तब हुआ जब बुधवार रात इरफान के भाई अदनान ने उसे बार-बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
घबराए भाई ने इरफान के दोस्त कुणाल और होटल प्रबंधन को सूचना दी। होटल कर्मचारियों के काफी प्रयास के बाद भी जब कमरा अंदर से नहीं खुला, तो डायल 112 को बुलाया गया। पुलिस ने जब रोशनदान से झांककर देखा, तो इरफान का शव चादर के फंदे के सहारे पंखे से लटका हुआ था।
मां को भेजे थे घर खर्च के पैसे
परिजनों ने बताया कि आत्महत्या से कुछ ही घंटे पहले बुधवार रात इरफान ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि उसने घर के राशन और खर्च के लिए पैसे खाते में भेज दिए हैं। परिजनों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि मां से इतनी जिम्मेदारी भरी बातें करने वाला और दोस्तों के साथ खाना खाने वाला युवक अचानक ऐसा कदम उठा लेगा।
काम का दबाव और टारगेट बना वजह?
पुलिस की प्राथमिक जांच में आत्महत्या के पीछे वर्क प्रेशर (काम का दबाव) और टारगेट पूरा न कर पाने के कारण उपजे मानसिक तनाव की बात सामने आ रही है। हालांकि, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जो फिलहाल लॉक है। मोबाइल खुलने के बाद कॉल रिकॉर्ड्स और संदेशों से मौत की असली वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। गुरुवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है।
अंबिकापुर की कोतवाली थाना पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। होटल के सीसीटीवी फुटेज और इरफान से अंतिम बार मिलने वाले दोस्तों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एक होनहार युवक की इस तरह मौत ने कॉर्पोरेट जगत में बढ़ते मानसिक तनाव और दबाव पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।










