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Tata Sons के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने दिया इस्तीफा, क्यों लिया ये फैसला?

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. चंद्रशेखरन ने 18 अगस्त को होने वाली कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से पहले यह फैसला लिया है. इस्तीफे को लेकर चंद्रशेखरन ने कहा है कि 20 फरवरी 2027 को अपना कार्यकाल पूरा होने पर वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे और उन्होंने बोर्ड से अपने उत्तराधिकारी का फैसला करने को कहा है. चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक था. हालांकि, आगे भी चेयरमैन बने रहने के लिए उन्हें दोबारा नियुक्त किया जाना जरूरी था. चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल को लेकर टाटा ट्रस्ट के भीतर मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं.

चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब टाटा सन्स के शेयरहोल्डर्स और टाटा ट्रस्ट के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद बताए जा रहे हैं. खास तौर पर टाटा सन्स के बोर्ड में प्रतिनिधित्व, ग्रुप की भविष्य की रणनीति और अल्पांश शेयरहोल्डर शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप से जुड़े मामलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद की खबरें सामने आई हैं. टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा और चंद्रशेखरन के बीच भी मतभेद की बात रिपोर्ट्स में कही गई है. बताया जा रहा है कि नोएल टाटा चंद्रशेखरन को दोबारा टाटा सन्स का चेयरमैन बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे.

2017 में टाटा सन्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया

एन चंद्रशेखरन ने 1987 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से अपने टाटा करियर की शुरुआत की थी. वह करीब 30 साल तक TCS से जुड़े रहे और कंपनी में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं. 2009 में वह TCS के CEO और MD बने और 2017 तक इस पद पर रहे. उनके नेतृत्व में TCS ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की और टाटा समूह की सबसे अहम कंपनियों में शामिल हुई. अक्टूबर 2016 में वह टाटा सन्स के बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त हुए. जनवरी 2017 में उन्हें टाटा सन्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया. वह टाटा समूह के पहले गैर-पारसी और प्रोफेशनल मैनेजर थे, जिन्होंने समूह की कमान संभाली.

एयर इंडिया की टाटा समूह में वापसी कराई

चेयरमैन के तौर पर उनके कार्यकाल में एयर इंडिया को टाटा समूह में वापस लाना और एविएशन कारोबार का विस्तार प्रमुख फैसलों में रहा. उनके नेतृत्व में समूह ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, डिजिटल और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विस्तार पर जोर दिया. 12 अगस्त 2026 को इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद भी वह फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल पूरा होने तक चेयरमैन बने रहेंगे.

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