रायपुर/कबीरधाम/खैरागढ़। छत्तीसगढ़ में इन दिनों ‘सुशासन’ की एक नई परिभाषा लिखी जा रही है। 01 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाले ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ग्रामीण दौरा महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-जन से जुड़ाव का एक भावुक अभियान बन गया है। कबीरधाम से लेकर खैरागढ़ तक, सीएम साय का अंदाज किसी ‘शासक’ जैसा नहीं, बल्कि एक ‘सहज ग्रामीण’ जैसा नजर आ रहा है।
मोहन के घर ‘मोदी आवास’ का गृह प्रवेश
अभियान के दौरान कबीरधाम के ग्राम लोखान में एक आत्मीय दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण मोहन मरावी के निमंत्रण पर उनके नए पक्के मकान में न केवल कदम रखे, बल्कि पारंपरिक विधि से गृह प्रवेश भी कराया। संवाद के दौरान जब सीएम ने पूछा—“आवास कोन भेजिस?”, तो मोहन का संक्षिप्त जवाब “मोदी जी ने” पूरे माहौल को भावुक कर गया। यह प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी सफलता का सीधा प्रमाण बना।
जमीन पर बैठकर श्रमिकों संग ‘बोरे-बासी’ का स्वाद
लोखान में ही पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सादगी की मिसाल पेश की। उन्होंने महिला श्रमिकों के आग्रह पर जमीन पर बैठकर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक डाइट ‘बोरे-बासी’ और चना-चरोटा भाजी का आनंद लिया। भोजन के दौरान उन्होंने न केवल योजनाओं का फीडबैक लिया, बल्कि ग्रामीणों की पेयजल समस्या को सुनते ही मौके पर पाइपलाइन आधारित पेयजल योजना को मंजूरी देकर अपनी कार्यशैली का परिचय दिया।
कमराखोल में गूंजी तालियां: नवजात का किया नामकरण
मुख्यमंत्री का दौरा उस समय बेहद खास हो गया जब ग्राम कमराखोल की निवासी ऋषि बघेल अपने एक माह के बेटे को लेकर उनके पास पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे का नामकरण करने का अनुरोध किया। रविवार को जन्मे इस बालक का नाम मुख्यमंत्री ने “रविशंकर” रखा, जिसके बाद पूरी चौपाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।
खैरागढ़ में विकास की बड़ी घोषणाएं
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सरोधी में कटहल और गुलमोहर के पेड़ों की छांव में लगी चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने पिछले 28 महीनों में 3100 रुपये क्विंटल धान खरीदी, बोनस भुगतान और रामलला दर्शन योजना जैसे वादों को पूरा करने की बात कही।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं:
- नया पंचायत और स्कूल भवन निर्माण।
- गंडई-बकरकट्टा मार्ग का चौड़ीकरण।
- मगुरदा नाला पर नए पुल का निर्माण।
- बकरकट्टा पीएचसी में 108 एम्बुलेंस की सुविधा।
- 33 केवी सब-स्टेशन की स्थापना।
सफलता की कहानियां: सुभान और मनीषा की जुबानी
चौपाल में योजनाओं के लाभार्थियों ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। सुभान सिंह मेरावी ने वन अधिकार पट्टा और पीएम आवास मिलने पर खुशी जताई, वहीं स्वच्छता दीदी मनीषा मरकाम ने बताया कि कैसे ‘महतारी वंदन योजना’ और स्वच्छता कार्य से मिलने वाली आय ने उनके बच्चों की शिक्षा और रसोई के खर्च (उज्ज्वला योजना के साथ) को आसान बना दिया है।
निष्कर्ष: ‘सुशासन तिहार’ के जरिए छत्तीसगढ़ सरकार यह संदेश देने में सफल रही है कि सुशासन केवल रायपुर के मंत्रालय तक सीमित नहीं है, बल्कि वह गांव की उस चौपाल तक पहुंच चुका है जहां मुख्यमंत्री स्वयं खाट पर बैठकर आम आदमी की समस्याएं सुन रहे हैं।










