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जंग में इन तीनों के मरने का हो चुका था ऐलान,अब खामेनेई के जनाजे में आए

ईरान जंग में जिन 3 बड़े नामों के मरने की घोषणा की जा चुकी थी. वे सभी अयातुल्लाह अली खामनेई के अंतिम विदाई समारोह में देखे गए हैं. इनमें पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद, आईआरजीसी चीफ अहमद वाहिदी और कुर्द्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी का नाम प्रमुख हैं. इजराइल ने जंग के दौरान इन तीनों ही हत्या करने की बात कही थी, लेकिन अब तीनों को खामेनेई के अंतिम विदाई में श्रद्धांजलि देते हुए देखा गया है.

इन तीनों के सामने आने के बाद 2 सवाल उठ रहे हैं. पहला, क्या ईरान में और भी ऐसे नेता या पदाधिकारी हैं, जिनके मरने की घोषणा हो चुकी है और वे जीवित हैं? दूसरा सवाल यह है कि ये लोग अब तक कहां थे?

जनाजे में दिखे वाहिदी-कानी और अमहदीनेजाद
अहमदीनेजाद- ईरान के पूर्व राष्ट्रपति हैं. जंग के दौरान इजराइली हमले में उन्हें मारने की घोषणा की गई थी. ईरान सरकार ने इसका उस वक्त खंडन नहीं किया. न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि अहमदीनेजाद को अमेरिका ईरान का सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था. हालांकि, इस पर न तो ईरान ने कोई प्रतिक्रिया दी और न ही अहमदीनेजाद ने. अब पहली बार अमहदीनेजाद को खामेनेई के अंतिम विदाई कार्यक्रम में देखा गया है.

अहमद वाहिदी- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख अहमद वाहिदी के भी स्ट्राइक में मारे जाने की घोषणा की गई थी. हालांकि, उस वक्त ईरान ने इसे खारिज किया था, लेकिन सार्वजनिक तौर पर वाहिदी सामने नहीं आए थे. अब खामेनेई के अंतिम संस्कार में वाहिदी सामने आए हैं. वाहिदी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान को सरेंडर कराने का अमेरीकी सपना चकनाचूर हो गया है. हम लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे.

इस्माइल कानी- कुर्द्स फोर्स के मुखिया इस्माइल कानी को भी खामेनेई के अंतिम विदाई में देखा गया है. कानी के भी जंग के दौरान मरने की खबर आई थी. हालांकि, बाद में कानी के करीबियों ने उनके घायल होने की पुष्टि की. कानी को ईरान के सुप्रीम लीडर का करीबी माना जाता है.

मौत के डर से मुज्तबा खामेनेई नहीं आए
वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम विदाई में अब तक शामिल नहीं हुए. ईरान का कहना है कि इजराइल के हमले को देखते हुए मुज्तबा अंतिम विदाई समारोह में शामिल नहीं होंगे. ईरान जंग के बाद से ही मुज्तबा अंडरग्राउंड हैं.

शुरुआत में उनके घायल होने की खबर आई थी, लेकिन ईरान सरकार ने उन्हें पूरी तरह फिट बताया है. मुज्तबा की अनुपस्थिति में 101 साल के अयातुल्लाह हसन नूरी मशहद में जनाजे की नमाज पढ़ाएंगे.

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