Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

स्वामी आत्मानंद स्कूल में घुसा बारिश का पानी: 10 कमरे जलमग्न, मची अफरा-तफरी; जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

बतौली। सरगुजा जिले के बतौली में सोमवार (6 जुलाई) को हुई मूसलाधार बारिश ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। लगातार हुई तेज बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से बहकर आया पानी स्कूल परिसर और क्लासरूम्स में घुस गया, जिससे विद्यालय के करीब 10 कमरे पूरी तरह जलमग्न हो गए। कक्षाओं में अचानक पानी भरने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सूझबूझ दिखाई और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया, जिसके बाद स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई। इस घटना के खौफ और अव्यवस्था के चलते अगले दिन मंगलवार (7 जुलाई) को भी स्कूल में बच्चों की उपस्थिति सामान्य से बेहद कम दर्ज की गई।

10 कक्षाएं प्रभावित, 250 छात्रों की पढ़ाई पर संकट स्कूल परिसर में पानी भरने से नियमित शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिन 10 कमरों में पानी भरा, वहां कक्षा 6वीं से लेकर 10वीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। इन कक्षाओं के करीब 250 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि स्कूल में कुल 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं और इतने बड़े पैमाने पर बच्चों को एक साथ किसी दूसरी जगह बैठाकर पढ़ाना प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस घटना के बाद से अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं।

NH-43 की चोक नालियों ने बढ़ाई मुसीबत स्थानीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 (NH-43) के किनारे बनी नालियों की समय पर सफाई नहीं की गई। जल निकासी की व्यवस्था बेहद लचर होने के कारण ही हाईवे का पूरा पानी स्कूल परिसर में समा गया। गौरतलब है कि इसी परिसर के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील कार्यालय और अन्य शासकीय कार्यालय भी संचालित हैं, जिनका पानी भी ढलान के कारण स्कूल की तरफ ही आता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

जेसीबी बुलाकर निकाला गया पानी मामले को लेकर विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या प्रसन्ना केरकेट्टा ने बताया कि बारिश का पानी अचानक भरने से दिक्कत हुई थी, लेकिन बच्चों को तुरंत सुरक्षित कमरों में पहुंचाया गया। इसके बाद प्रबंधन द्वारा तत्काल जेसीबी मशीन बुलवाकर पानी की निकासी के लिए रास्ता साफ कराया गया, जिससे फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं।

Related Posts

1 of 411