एक ओर सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं बीजापुर जिले से लगे बालक आश्रम चिन्नाकोड़ेपाल में व्यवस्थाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। आश्रम में लगे पानी फिल्टर कई महीनों से बंद पड़े हैं, जिससे बच्चों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार बीजापुर ब्लॉक के तहसीलदार ने निरीक्षण के दौरान फिल्टर सुधारने संबंधी पंजी में एंट्री भी की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है।
आदिवासी बच्चों को उनके हक का शुद्ध पेयजल नहीं मिलना प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द फिल्टर सुधार कर पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।










