छत्तीसगढ

जो मौलवी वंदे मातरम गाने से मना करते है, वो देश की एकता के विरोधी- वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज

रायपुर। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को राज्य वक्फ बोर्ड के तत्वावधान में राजधानी रायपुर में जश्न वंदे मातरम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि, वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, त्याग और देशभक्ति की भावना का प्रतीक है। आज यह देखकर गर्व होता है कि मुस्लिम समाज के भाई-बहन भी इस गीत को पूरे उत्साह और सम्मान के साथ गा रहे हैं। यही सच्चा भारत है, जहां धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्र सर्वोपरि होता है।”

कार्यक्रम में राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ एकता, सद्भाव और देशभक्ति का गीत है, जिसे आज मुस्लिम समाज के सभी लोगों ने एक स्वर में गाया। उन्होंने कहा, “जो मौलवी वंदे मातरम गाने या भारत माता की जय बोलने से मना करते हैं, वे इस देश की एकता और भावना के विरोधी हैं।” इस अवसर पर मौलाना और मुस्लिम समाज के वरिष्ठ गणों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों की गूंज और तिरंगे झंडे के साथ वातावरण पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से सराबोर रहा।

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