राजनांदगांव, 11 जून: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ग्रामीण वार्ड सिंगदई से गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां एक खेत में घास चरने गए करीब 15 मवेशियों की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। खेत में जगह-जगह बिखरे मवेशियों के शवों को देखकर पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
आंधी-तूफान बना काल, रातभर दौड़ता रहा करंट
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली थी। तेज आंधी-तूफान और हवाओं के कारण खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त हो गई:
- टूटकर गिरा तार: बिजली का एक सजीव (लाइव) तार टूटकर सीधे खेत में जा गिरा।
- रातभर प्रवाहित हुआ करंट: तार टूटने के बाद भी बिजली सप्लाई बंद नहीं हुई और पूरी रात खेत में करंट दौड़ता रहा।
- चपेट में आए बेजुबान: इसी दौरान जब मवेशी वहां घास चरने पहुंचे, तो वे इस जानलेवा करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
सुबह खेत पहुंचे ग्रामीणों के उड़े होश
गुरुवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ निकले, तो उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर मवेशियों के शव पड़े देखे।
- घटना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत कोटवार के माध्यम से स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
- सूचना मिलते ही पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची।
- अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। फिलहाल मृत मवेशियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग
इस बड़े हादसे के बाद सिंगदई गांव के लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
- लापरवाही का आरोप: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ। अगर समय रहते लाइन ट्रिप हो जाती या सप्लाई बंद की जाती, तो बेजुबानों की जान बच सकती थी।
- कार्रवाई और मुआवजे की मांग: ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही, जिन गरीब किसानों और पशुपालकों के मवेशियों की मौत हुई है, उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटे हैं।










