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CG NEWS- ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम ठगी मामले में दो मुख्य आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

रायपुर। ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम जॉब के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी आशीष परिहार और लक्ष्मन देवासी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।


ऐसे दर्ज हुए मामले

ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर अज्ञात आरोपियों द्वारा ठगी की गई थी। थाना राखी में प्रार्थी पारस कुमार धीवर ने 24 लाख रुपये की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना धरसीवां में प्रार्थी ललित साहू ने 34 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. विवेचना के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम एप से प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के आधार पर गिरोह के मुख्य आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को राजस्थान और महाराष्ट्र भेजा गया था। इससे पूर्व तीन आरोपी- भवानी सिंह (अजमेर, राजस्थान) उत्पल पंचारिया (जोधपुर, राजस्थान) साहिल संतोष (नासिक, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो अन्य मुख्य आरोपी- आशीष परिहार, पिता बनवारी लाल परिहार, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम डेराथू, नसीराबाद, जिला अजमेर (राजस्थान) लक्ष्मन देवासी, पिता साकला देवासी, उम्र 37 वर्ष, निवासी भारला, पाली (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न 13 साइबर सेल/थानों में प्रकरण दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।


    ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम फ्रॉड से सावधान

    ऐसे पहचानें ठगी:

    • टास्क/लाइक/रिव्यू जॉब के बदले मोटी कमाई का लालच
    • रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी फीस की मांग
    • WhatsApp/Telegram पर अनजान नंबर से जॉब ऑफर
    • फर्जी ऐप या APK लिंक डाउनलोड करवाना
    • OTP/UPI कलेक्ट के जरिए पैसे निकलवाना

    सतर्क रहने के उपाय:

    • कोई फीस न दें, असली नौकरी पैसे नहीं मांगती
    • कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल की जांच करें
    • अनजान लिंक, QR, OTP साझा न करें
    • ऐप केवल आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें
    • चैट और ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें

    पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई लगातार जारी है।

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