मनेंद्रगढ़ (MCB): नवीन जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला मुख्यालय स्थित उपजेल से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक जेल प्रहरी, संतोष तिवारी, का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रहरी बड़े ही इत्मीनान से नोटों की गड्डियां थामते नजर आ रहा है, जो जेल विभाग की शुचिता और सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, उपजेल मनेंद्रगढ़ में हत्या के जुर्म में एक विचाराधीन बंदी बंद है। वायरल वीडियो में जेल प्रहरी संतोष तिवारी इसी बंदी के परिजनों से सौदा करते नजर आ रहे हैं। कथित तौर पर यह सौदा 50,000 रुपये में तय हुआ था, जिसे लेते हुए प्रहरी कैमरे में कैद हो गए।
‘राधे-राधे’ की जप और रिश्वत का खेल
हैरानी की बात यह है कि वीडियो में प्रहरी धार्मिक शब्दावली ‘राधे-राधे’ का जाप करते हुए भ्रष्टाचार के इस खेल को अंजाम दे रहे हैं। इस कृत्य ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जेल के भीतर बंदियों को दी जाने वाली सुविधाओं या केस में ढिलाई बरतने के नाम पर इस तरह की अवैध वसूली ने प्रशासन की साख को बट्टा लगा दिया है।
जेल प्रशासन पर उठते सवाल
वीडियो सामने आने के बाद अब जेल विभाग की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। जनता के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि:
- क्या ‘राधे-राधे’ जपकर भ्रष्टाचार करने वाले इस प्रहरी पर जेल विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा?
- या फिर हमेशा की तरह ‘जांच’ का हवाला देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
इलाके में आक्रोश
मजदूरों और आम नागरिकों के बीच इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब जेल के भीतर ही प्रहरी अपराधियों के परिजनों से सांठगांठ करेंगे, तो न्याय प्रणाली का क्या होगा?
पुलिस और जेल विभाग का पक्ष: फिलहाल इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की बात कही जा रही है। अब देखना यह होगा कि इस ‘भ्रष्ट’ प्रहरी के खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी जैसी कोई बड़ी कार्रवाई होती है या नहीं।









