रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से पेट्रोल और डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शास्त्री चौक, मेकाहारा और संतोषी नगर जैसे प्रमुख इलाकों के कई पंप ‘ड्राई’ हो चुके हैं, जबकि जहां तेल मिल रहा है, वहां गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं। हालाँकि, इस पूरे संकट के पीछे ‘तेल की कमी’ से ज्यादा ‘अफवाह और डर’ बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है।
पंपों पर तेल क्यों खत्म हो रहा है? (अखिल धगत, अध्यक्ष – पेट्रोल संगठन)
पेट्रोल संगठन के अध्यक्ष अखिल धगत ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। स्थिति बिगड़ने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी): लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने और उसे स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। जो व्यक्ति पहले 200 का पेट्रोल डलवाता था, वह अब टंकी फुल करवा रहा है।
- सप्लाई का मानक: पेट्रोलियम कंपनियां पिछले साल मई के अनुपात में ही इस साल भी सप्लाई दे रही हैं। अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ पंपों का कोटा जल्दी खत्म हो गया है।
राशनिंग शुरू: कार को 1000 और बाइक को 400 का ही तेल
भीड़ को नियंत्रित करने और सभी को तेल उपलब्ध कराने के लिए पंप संचालकों ने वितरण की सीमा तय कर दी है। अब रायपुर के अधिकतर पंपों पर:
- कार: अधिकतम 1000 रुपये का तेल।
- बाइक: अधिकतम 400 रुपये का तेल।
इंडस्ट्री का खेल: कमर्शियल vs पंप रेट
खबर में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि उद्योगों (Industries) को मिलने वाला कमर्शियल डीजल 155-156 रुपये प्रति लीटर है, जबकि पंपों पर यह काफी सस्ता है। आशंका है कि कुछ पंपों से उद्योगों को ‘बल्क’ में डीजल बेचा गया है, जिससे आम जनता के लिए स्टॉक कम पड़ गया।
दूसरे शहरों से भी रायपुर पहुंच रहे लोग
दुर्ग, भिलाई और पाटन क्षेत्र के कई पंप खाली होने की खबर के बाद वहां के वाहन चालक अब रायपुर के भाठागांव और रिंग रोड स्थित पंपों का रुख कर रहे हैं, जिससे राजधानी के पंपों पर दबाव और बढ़ गया है।
राहत की खबर: शाम तक सामान्य होगी स्थिति
इंडियन ऑयल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वाशु मखीजा ने जनता से धैर्य रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि डिपो से टैंकरों की लोडिंग जारी है और आज शाम तक बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल पंपों पर पहुंच जाएगा, जिससे आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।









