रायपुर। बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2003 में हुए इस हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में उनकी दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई
आज सुप्रीम कोर्ट में अमित जोगी द्वारा दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई हुई। कोर्ट ने पहले ही इन दोनों मामलों को टैग कर दिया था, ताकि एक साथ सुनवाई कर समग्र रूप से निर्णय लिया जा सके।
किन मुद्दों पर हुई सुनवाई
पहली याचिका उस आदेश से संबंधित है, जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई थी। वहीं दूसरी याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला साल 2003 का है, जब बिलासपुर में राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के इस नेता की हत्या ने उस समय प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था। जांच के दौरान कई बड़े नाम सामने आए, जिनमें अमित जोगी भी शामिल रहे।
हाईकोर्ट के फैसले पर लगी रोक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में अमित जोगी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से अब उन्हें अंतरिम राहत मिल गई है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन इस आदेश को अमित जोगी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।










