रायपुर। राजधानी के आंबेडकर अस्पताल में किडनी रोगियों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नेफ्रोलॉजी विभाग के अनुसार डायलिसिस पर आने वाले मरीजों में करीब 40 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनकी बीमारी का सीधा संबंध शराब के सेवन से पाया गया है।
लिवर के साथ किडनी भी हो रही खराब
विशेषज्ञों का कहना है कि शराब का असर केवल लिवर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किडनी को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहा है। अस्पताल में आने वाले कई मरीज ऐसे हैं जिनमें पहले लिवर डैमेज होता है और बाद में किडनी फेलियर की स्थिति बन जाती है।
डायलिसिस मरीजों में बढ़ोतरी
आंबेडकर अस्पताल रायपुर के नेफ्रोलॉजी विभाग में डायलिसिस मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, इन मरीजों में बड़ी संख्या शराब के कारण अंगों की क्षति झेल रही है।
रिसर्च की जरूरत महसूस
विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर और किडनी दोनों पर शराब के संयुक्त प्रभाव को लेकर विस्तृत शोध की आवश्यकता है। इससे बीमारी की सही वजह और रोकथाम के उपायों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
मरीजों को मिल रही डायलिसिस सुविधा
राज्य में किडनी मरीजों के लिए विभिन्न स्तरों पर निशुल्क डायलिसिस सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला अस्पतालों से लेकर बड़े मेडिकल संस्थानों तक मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके साथ ही किडनी ट्रांसप्लांट और बच्चों के उपचार की सुविधाओं को भी विस्तार देने की तैयारी है।
दुर्लभ बीमारी का मामला भी सामने आया
इसी विभाग में हाल ही में अंबिकापुर के 19 वर्षीय मरीज में एक दुर्लभ किडनी बीमारी का इलाज किया गया। दोनों किडनी फेल होने के कारण उसे डायलिसिस पर रखा गया था और ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई थी।
विशेषज्ञों की चेतावनी
नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. पुनीत गुप्ता के अनुसार, अल्कोहल से जुड़े मामलों में किडनी प्रभावित होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते रोकथाम और जागरूकता बेहद जरूरी है, वरना आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।










