सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भटगांव नगर स्थित कृषि उपज मंडी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मंडी में तैनात उपनिरीक्षक मनीष सिंह पोर्ते का ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में नजर आने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो धान खरीदी के समय का है, जिसमें वह मंडी परिसर के भीतर सरकारी उड़नदस्ता वाहन में बैठे दिखाई दे रहे हैं और नशे में प्रतीत हो रहे हैं।
इस घटना ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि मंडी की साख भी खराब होती है।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
सूत्रों के मुताबिक, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उपनिरीक्षक पर कर्मचारियों से गाली-गलौज करने, कॉलर पकड़कर धमकाने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लग चुके हैं। हर बार माफी और आश्वासन के बाद मामला शांत कर दिया गया, लेकिन व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।
अवैध वसूली के भी आरोप
उपनिरीक्षक पर यह भी आरोप है कि वे नशे की हालत में उड़नदस्ता वाहन से घूम-घूमकर धान कोचियों और महुआ विक्रेताओं से अवैध वसूली करते हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी शुल्क की जगह व्यक्तिगत रूप से पैसे वसूले जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, मंडी समिति हर साल 70 से 100 छोटे व्यापारियों को लाइसेंस जारी करती है, लेकिन उनसे भी नियमों के अनुसार शुल्क नहीं लिया जाता। इससे पूरी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच पहले से लंबित, फिर भी कार्रवाई नहीं
बताया जा रहा है कि उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच पहले से ही लंबित है, इसके बावजूद उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे संरक्षण मिलने के आरोप भी लग रहे हैं।
प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी ने कहा कि उन्होंने वीडियो और शिकायत देख ली है और प्रकरण की जांच के लिए बिलासपुर के संयुक्त संचालक को भेजा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद जल्द कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर मंडी प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।










