रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत छाल वन परिक्षेत्र के सिंझीझाप के पास स्थित घोघरा डैम में शुक्रवार सुबह एक हाथी शावक का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को डैम से बाहर निकालकर जांच शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, सुबह कुछ ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने डैम में एक हाथी शावक का शव तैरता देखा। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना वन अमले को दी गई। सूचना मिलते ही डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय अपनी टीम और तीन सदस्यीय चिकित्सकों के दल के साथ मौके पर पहुंचे।
वन विभाग की टीम ने शावक के शव को डैम से बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। प्रारंभिक जांच में शावक के शरीर पर किसी तरह के संघर्ष या चोट के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में प्रथम दृष्टया पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है।
वन विभाग ने शव से आवश्यक सैंपल लेकर जांच के लिए बरेली और जबलपुर भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मृत हाथी शावक की उम्र लगभग 6 माह थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धरमजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में अलग-अलग दलों में करीब 112 हाथियों का विचरण हो रहा है। वन विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।









