विष्णुदेव साय ने सोमवार को दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से अपने निवास कार्यालय में मुलाकात की। इस अवसर पर आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छात्रों के सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर आत्मीय चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य भी पूछे। इस पर छात्रों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस समेत विभिन्न क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।
समय प्रबंधन और अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं।
सीएम साय ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व भी उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का फोकस
इस अवसर पर गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 10 मेधावी विद्यार्थियों को राज्य शासन की पहल पर एक दिन पहले शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित आईपीएल मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था।








