बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इन दिनों जारी पेट्रोल संकट के बीच एक बेहद चौंकाने वाला और आक्रोशित कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के तारबहार स्थित जय अम्बे पेट्रोल पंप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पंप कर्मचारी देर रात आम जनता की नजरों से छिपकर बड़े-बड़े जेरिकिन (कंटेनरों) में पेट्रोल भरते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से उन आम उपभोक्ताओं में भारी गुस्सा है, जो बूंद-बूंद पेट्रोल के लिए दिनभर कतारों में धक्के खा रहे हैं।
रात 11:30 बजे जेरिकिन में भरा जा रहा था पेट्रोल
शहर में बीते कई दिनों से पेट्रोल की भारी किल्लत चल रही है। लोग सुबह से लेकर देर रात तक ईंधन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। इसी संकट के बीच, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जय अम्बे पेट्रोल पंप के कर्मचारी नियमों को ताक पर रखकर 20 से 30 लीटर क्षमता वाले बड़े जेरिकिन में धड़ल्ले से पेट्रोल भर रहे हैं।
आम जनता के लिए ‘नो स्टॉक’, बैकडोर से ब्लैक मार्केटिंग की आशंका?
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का आरोप है कि पेट्रोल पंप प्रबंधन द्वारा अक्सर ‘सप्लाई कम है’ या ‘पेट्रोल खत्म हो गया है’ का बहाना बनाकर आम उपभोक्ताओं की सप्लाई रोक दी जाती है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद कई लोगों को बिना पेट्रोल के ही निराश होकर लौटना पड़ता है। लेकिन दूसरी तरफ, रात के अंधेरे में बड़े कंटेनरों में पेट्रोल भरकर वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।
नियमों की सरेआम धज्जियां
सुरक्षा और प्रशासनिक नियमों के मुताबिक पेट्रोल पंपों पर खुले बर्तनों, बोतलों या जेरिकिन में पेट्रोल देना पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे बड़ी दुर्घटना या अग्निकांड की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद, जय अम्बे पेट्रोल पंप पर इस नियम की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
प्रशासन से जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और त्रस्त वाहन चालकों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आक्रोशित जनता का कहना है कि जब पेट्रोल का स्टॉक उपलब्ध है, तो पहला हक कतार में खड़े आम नागरिकों का है। लोगों ने मांग की है कि संकट के समय ऐसी मनमानी और कथित कालाबाजारी करने वाले पेट्रोल पंप का लाइसेंस तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।










