धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जिला औषधि विक्रेता संघ द्वारा बुधवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के दौरान जिले के निजी मेडिकल स्टोर्स बंद रह सकते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने संभाली कमान, अफवाहों से बचने की अपील
दवा बाजार बंद होने की सूचना मिलते ही कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सहायक औषधि नियंत्रक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी कीमत पर जीवन रक्षक दवाइयों की किल्लत नहीं होनी चाहिए और उनकी उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर मिश्रा ने धमतरी के नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। आपातकालीन स्थिति या आवश्यकता पड़ने पर अपने निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था (सरकारी अस्पताल) अथवा अधिकृत मेडिकल स्टोर से तुरंत संपर्क करें।
सरकारी अस्पतालों में सेवाएं रहेंगी बहाल, पर्याप्त स्टॉक मौजूद
राहत की बात यह है कि इस बंद का असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में:
- आकस्मिक चिकित्सा सेवाएँ (Emergency Services)
- इमरजेंसी वार्ड और प्रसूति सेवाएँ (Maternity Services)
- आवश्यक उपचार सेवाएँ पूर्ववत यानी हमेशा की तरह 24 घंटे संचालित रहेंगी।
प्रशासन ने पहले ही संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण (Stock) और आवश्यक चिकित्सकीय सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
CMHO की मरीजों और बुजुर्गों को सलाह: समय रहते खरीद लें दवाइयाँ
वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने भी आम जनता की सहूलियत के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा है कि जो लोग नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करते हैं, वे डॉक्टर की पर्ची के आधार पर समय रहते अपनी दवाइयाँ खरीद लें।
विशेष रूप से:
- गंभीर बीमारियों (जैसे बीपी, शुगर, हार्ट) से पीड़ित मरीज।
- बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएँ।
- बच्चों के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयाँ।
इन सभी श्रेणियों के लोग अपनी जरूरत की जीवन रक्षक औषधियाँ पहले से ही सुरक्षित कर लें, ताकि बुधवार को होने वाले बंद के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मेडिकल स्टोर संचालकों से प्रशासन की अपेक्षा
जिला प्रशासन ने जिला औषधि विक्रेता संघ और समस्त मेडिकल स्टोर्स संचालकों से भी भावुक और जिम्मेदार अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि ‘जनस्वास्थ्य हित’ सबसे ऊपर है। इसलिए सभी संचालक सकारात्मक सहयोग प्रदान करें और आपातकालीन स्थिति में जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद करें।










