पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के बहुत बुरे दिन चल रहे हैं. हर ओर ममता बनर्जी को बगावत और इस्तीफे के दौर का सामना करना पड़ रहा है. पहले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने आज सोमवार को सांसदी के साथ-साथ पार्टी छोड़ दिया तो वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर तृणमूल के कई सांसद मिलने पहुंचे. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकरी भी बैठक में मौजूद हैं. ऐसे में पार्टी के सामने बड़ी टूट का खतरा मंडरा रहा है.
दावा किया जा रहा है कि तृणमूल के 10 से अधिक सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र से मुलाकात की. टीएमसी के बागी सांसदों में काकली घोष दस्तीदार (बारासात), प्रसून बनर्जी (हावड़ा), शताब्दी रॉय (बीरभूम), असित कुमार मल, बापी हलदर (मथुरापुर), जून मालिया (मेदिनपुर), जगदीश बसुनिया (कूच विहार), कालीपद सोरेन (झारग्राम), अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा), पार्थ भौमिक (बैरकपुर) और शर्मिला सरकार (बर्दवान पूर्व) शामिल हैं.
राज्यसभा सांसद सुखेंदु ने दिया इस्तीफा
इससे पहले टीएमसी को एक और इस्तीफे का सामना करना पड़ा. पार्टी को यह इस्तीफा ऐसे समय मिला जब पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन की अहम बैठक का हिस्सा लेने दिल्ली में हैं. पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने आज राज्यसभा के सभापति से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया. साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी.
सुखेंदु के सांसद और पार्टी से इस्तीफा देने पर, पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और TMC से निकाले गए नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “यह सिर्फ सुखेंदु की बात नहीं है. मैंने असल में उनसे व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की है. मैं उनकी ज्यादातर बातों से सहमत हूं, खासकर संसद के उच्च सदन के कामकाज को लेकर. उनकी बातें बिल्कुल सही थीं. संसद कोई क्विज शो की जगह नहीं है. सुखेंदु जो बता रहे हैं, उसका अनुभव मैंने भी किया है. उनके जैसे कद के सांसद को पिछली कतार में धकेल दिया जाना निराशाजनक था. सुखेंदु आज आवाज उठा रहे हैं. कल दूसरे भी ऐसा ही करेंगे.”
बंगाल में राज्यसभा की 17 सीटें
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की कुल 17 सीटों में से 13 सीटें टीएमसी के पास हैं जबकि 3 बीजेपी के खाते में हैं. कहा यह भी जा रहा है कि जल्द ही लोकसभा के सांसद भी टीएमसी का दामन छोड़ सकते हैं. पिछले दिनों 4 जून को खुद सुखेंदु ने यह दावा किया था कि लोकसभा और राज्यसभा में टीएमसी के कुछ सांसद इस्तीफा दे सकते हैं.










