कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोनहत तहसील के ग्राम कटगोड़ी में अवैध रेत उत्खनन (अवैध रेत खनन) को लेकर शुरू हुआ विवाद मंगलवार रात एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। मवेशियों या मामूली बात पर नहीं, बल्कि रेत के काले कारोबार पर वर्चस्व को लेकर हुई इस बर्बरता में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। गंभीर रूप से झुलसे तीसरे शख्स नागेंद्र सिंह (53 वर्ष) ने रायपुर रेफर किए जाने के दौरान बिलासपुर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं पर बर्बरता का आरोप, ऐसे दिया अंजाम
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर रेत उत्खनन को लेकर क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों और सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी। विवाद के कुछ घंटों बाद रात में आरोपी फॉर्च्यूनर वाहन से गांव पहुंचे।
चश्मदीदों के मुताबिक सुनियोजित साजिश: आरोपियों ने पहले मृतकों के वाहन को एक भारी टिपर (नंबर वाहन) से जोरदार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया ताकि कोई भाग न सके। इसके बाद बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कार के अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते गाड़ी आग का गोला बन गई।
एक-एक कर तीन जिंदगी हुई खाक, एक अब भी वेंटिलेटर पर
इस खौफनाक और अमानवीय कृत्य में पीड़ितों को संभलने का मौका तक नहीं मिला:
- भरत सिंह गहरवार (उर्फ लल्ला सिंह): इनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी।
- वीरेंद्र सिंह (उर्फ वीरू): गंभीर रूप से झुलसी हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
- नागेंद्र सिंह: हालत बिगड़ता देख इन्हें रायपुर रेफर किया जा रहा था, लेकिन बिलासपुर पहुंचने से पहले ही रास्ते में इनकी भी सांसें थम गईं।
- मयंक सिंह: इस घटना में एक अन्य युवक मयंक सिंह भी बुरी तरह झुलस गया है, जिसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
सर्व समाज में आक्रोश: सीबीआई (CBI) जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे कोरिया जिले में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और सर्व समाज के प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। सर्व समाज के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने कोरिया पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह केवल दो गुटों की लड़ाई या हत्या नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित और बर्बर कृत्य है। यदि इस मामले में राजनीतिक दबाव से हटकर निष्पक्ष जांच नहीं हुई और आरोपियों को फांसी की सजा नहीं दिलाई गई, तो पूरे जिले में उग्र और व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। लेकिन इस घटना ने कोरिया जिले में फल-फूल रहे अवैध रेत उत्खनन के काले कारोबार और उसके पीछे छिपे सफेदपोश चेहरों को बेनकाब कर दिया है। जनता अब सवाल उठा रही है कि आखिर रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि वे सरेआम लोगों को जिंदा फूंकने से भी नहीं कतरा रहे हैं?










