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तिल्दा-नेवरा में खनिज विभाग की टीम पर हमला: जांच के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा, वीडियो वायरल

रायपुर/तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे तिल्दा-नेवरा इलाके में अवैध उत्खनन (अवैध खनन) की जांच करने पहुंची खनिज विभाग की टीम पर हमले और अभद्रता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। तिल्दा-नेवरा के वार्ड नंबर 22 में हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक अमले और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सत्ता और रसूख के नशे में चूर स्थानीय नेताओं ने शासकीय अधिकारियों को डराने और कार्रवाई रोकने के लिए लाठी-डंडों का सहारा लिया।

निजी रेस्टोरेंट में हाई-वोल्टेज ड्रामा, पालिका अध्यक्ष के पति पर आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। खनिज विभाग की टीम को क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन की शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर तस्दीक के लिए पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान ही एक निजी रेस्टोरेंट में जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया।

वायरल वीडियो की हकीकत: सोशल मीडिया पर तैर रहे वीडियो में कथित तौर पर तिल्दा-नेवरा नगर पालिका अध्यक्ष के पति डॉ. खुमान वर्मा और उनके समर्थकों द्वारा खनिज अधिकारियों के साथ सरेआम गाली-गलौज और बदसलूकी की जा रही है। चश्मदीदों के मुताबिक, अधिकारियों को डराने-धमकाने के लिए लाठी-डंडों और धारदार हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया।

अधिकारियों का लाचार दावा: ‘एसडीएम का मोबाइल बंद था, नहीं मिल पाई मदद’

इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासनिक तालमेल की एक बड़ी कमी भी उजागर हुई है। खनिज विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जब मौके पर विवाद बढ़ा और उन पर हमला हुआ, तब उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मदद लेने की कोशिश की। लेकिन मौके पर एसडीएम (SDM) का मोबाइल फोन बंद आ रहा था, जिसके कारण समय पर संपर्क नहीं हो पाया और टीम को वहां सुरक्षा नहीं मिल सकी।

राजनीतिक संरक्षण के आरोप, जनता में भारी आक्रोश

सरकारी अमले के साथ सरेआम हुई इस गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि:

  • इस पूरे इलाके में राजनीतिक संरक्षण के चलते धड़ल्ले से अवैध खनन का खेल चल रहा है।
  • इतनी बड़ी घटना और वीडियो वायरल होने के बाद भी क्षेत्र में अवैध उत्खनन थमा नहीं है, बल्कि माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

पुलिस और खनिज विभाग की आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक किसी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की खबर सामने नहीं आई है। शासकीय कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों पर हमला करने और अवैध खनन को बढ़ावा देने वाले रसूखदारों के खिलाफ पुलिस और खनिज विभाग की आधिकारिक एफ़आईआर (FIR) और ठोस कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है कि आखिर सरकारी अधिकारियों पर हाथ उठाने वाले ‘सफेदपोश’ अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?

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