सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नशीले पदार्थों के सौदागरों के खिलाफ पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। फगुरम चौकी पुलिस ने एक 18 चक्का ट्रेलर में शातिराना तरीके से छिपाकर ले जाई जा रही 209 किलोग्राम से अधिक गांजे की खेप बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे और जब्त सामानों की कुल कीमत करीब 1.66 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। मामले में राजस्थान के एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, वहीं एक नाबालिग को भी पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में लिया है।
उड़ीसा से राजस्थान तक जुड़ा था तस्करी का नेटवर्क, ऐसे बिछाया जाल
पुलिस को खुफिया तंत्र से पुख्ता सूचना मिली थी कि उड़ीसा से गांजे की एक बहुत बड़ी खेप ट्रेलर के जरिए छत्तीसगढ़ के रास्ते राजस्थान ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही सक्ती पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई।
26 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन: पुलिस अधीक्षक (SP) प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देशन और चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अनवर अली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बोड़ासागर गांव के पास खरसिया-डभरा मुख्य मार्ग पर घेराबंदी की। तस्करों को दबोचने के लिए पुलिस ने लगातार 26 घंटे तक सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसके बाद एक संदिग्ध टाटा सिगना ट्रेलर पुलिस के हत्थे चढ़ा।
पाउडर की बोरियों के नीचे छिपे थे गांजे के पैकेट
जब पुलिस ने संदिग्ध ट्रेलर को रोककर उसकी तलाशी ली, तो उसमें ‘फ्लोर्सपार पाउडर’ लदा हुआ था। प्रथम दृष्टया सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने गहराई से बोरियों को खंगाला, तो उनके नीचे गांजे के बड़े-बड़े पैकेट बरामद हुए।
- कुल जब्ती: 209 किलोग्राम से अधिक उच्च गुणवत्ता का गांजा।
- कीमत: जब्त गांजे की कीमत ही अकेले 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
- अन्य जब्त संपत्ति: पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल टाटा सिगना ट्रेलर, मोबाइल फोन और गाड़ी में लदा फ्लोर्सपार पाउडर भी जब्त किया है, जिनकी कुल कीमत 1.66 करोड़ रुपये है।
एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत जेल भेजा गया आरोपी
पूछताछ के दौरान पकड़ा गया राजस्थान निवासी आरोपी युवक गांजे के परिवहन से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इसके बाद फगुरम पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल (न्यायिक रिमांड) भेज दिया गया है।
एसपी प्रफुल्ल ठाकुर की दोटूक- “जिले में नशा कारोबारियों की खैर नहीं”
सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने इस बड़ी कामयाबी को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सक्ती जिला किसी भी सूरत में नशा तस्करों के लिए कॉरिडोर नहीं बनने दिया जाएगा। जिले की सीमाओं पर सुरक्षा और जांच और कड़ी की जा रही है, तथा नशे के इस काले कारोबार की जड़ तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी जांच की जा रही है।









