सूरजपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक ऐसा अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने वैवाहिक रिश्ते और इंसानियत दोनों को कलंकित कर दिया है। यहाँ चरित्र शंका (शक) के साय में अंधी हुई हैवानियत का एक दर्दनाक उदाहरण देखने को मिला है। आरोप है कि एक कलयुगी पति ने अपने ही चार बच्चों के सामने पत्नी को बंधक बनाया, बेरहमी से पीटा, उसके पैर बांधकर सिर का मुंडन कर दिया और जबरन अपना व बच्चों का पेशाब पिलाया। इस पूरी बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।
4 बच्चों के सामने रची हैवानियत की कहानी
दिल दहला देने वाली यह घटना सूरजपुर जिले के करंजी गांव की है। पीड़िता तारा सारथी ने अपने पति जितेंद्र पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर और घिनौने आरोप लगाए हैं।
- 18 साल पुराना रिश्ता: पीड़िता के अनुसार, दोनों का विवाह वर्ष 2006 में हुआ था और उनके चार बच्चे भी हैं।
- सालभर से चल रहा था विवाद: शादी के शुरुआती साल तो सामान्य रहे, लेकिन पिछले एक वर्ष से पति की प्रताड़ना और चरित्र पर शक करने की आदत के कारण दोनों के संबंधों में दरार आ गई थी और वे अलग-अलग रह रहे थे।
पैर बांधे, बाल काटे और चेहरे पर मोबिल पोता
विवाद और शक का भूत पति के सिर पर इस कदर सवार हुआ कि उसने सामाजिक मर्यादाओं की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पति ने मासूम बच्चों के सामने ही उसे बंधक बना लिया।
पीड़िता की रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती: “उसने पहले मेरे पैर बांध दिए ताकि मैं भाग न सकूं। इसके बाद जबरन मेरे कपड़े फाड़े और कैंची से मेरे पूरे बाल काटकर सिर का मुंडन कर दिया। इतने से भी जब उसका मन नहीं भरा, तो उसने जबरन अपना और बच्चों का पेशाब मुझे पिलाया। अंत में मेरे पूरे चेहरे पर काला मोबिल ऑयल (Mobil Oil) पोतकर मुझे बेरहमी से अपमानित किया गया।”
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने मामले को और ज्यादा संवेदनशील और गंभीर बना दिया है।
पटना थाने में मामला दर्ज, सामाजिक कार्यकर्ता ने थामा हाथ
चूंकि मामला बेहद गंभीर था, पीड़िता ने इस खौफनाक प्रताड़ना की लिखित शिकायत कोरिया जिले के पटना थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, मामले की गूंज सामाजिक गलियारों में भी सुनाई दे रही है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने पीड़िता को ढांढस बंधाते हुए न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने साफ कहा है कि यह महिलाओं के खिलाफ अपराध की पराकाष्ठा है। जब तक आरोपी पति और इस कृत्य में उसका साथ देने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनकी यह कानूनी और सामाजिक लड़ाई जारी रहेगी।
कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सूरजपुर और आसपास के इलाकों में महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ बने कानूनों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि वीडियो साक्ष्य के आधार पर आरोपी पति को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि समाज में ऐसी घिनौनी सोच रखने वालों को सख्त संदेश मिल सके।










