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नवा रायपुर में बनेगा रेलवे वॉशिंग स्टेशन, रेल सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर, 23 जून। रायपुर रेल मंडल ने ट्रेनों की सफाई, मरम्मत और रखरखाव की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नवा रायपुर के केंद्री स्टेशन के पास वॉशिंग स्टेशन निर्माण का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा, जिससे रेल संचालन और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

वर्तमान में रायपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की धुलाई और मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। मंडल की अधिकांश ट्रेनों का रखरखाव दुर्ग और बिलासपुर डिपो में किया जाता है। इसके चलते समय और संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती है। लंबे समय से नए वॉशिंग स्टेशन के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही थी, जिसके बाद केंद्री स्टेशन के समीप जमीन का चयन किया गया है।

नवा रायपुर को मिलेंगी नई रेल कनेक्टिविटी

रेलवे की योजना के अनुसार खरसिया से नवा रायपुर तक रेल लाइन का विस्तार किया जाएगा और इसे परमालकसा तक जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नवा रायपुर से कोलकाता, मुंबई और विशाखापट्टनम जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। रेलवे एक दर्जन से अधिक नई ट्रेनें शुरू करने की योजना बना रहा है।

रायपुर से बढ़ेगा रिजर्वेशन कोटा

वॉशिंग स्टेशन बनने का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा। वर्तमान में रायपुर स्टेशन से कोई ट्रेन प्रारंभ नहीं होती, जिसके कारण यहां से आरक्षण का कोटा सीमित रहता है। नई सुविधा विकसित होने के बाद रायपुर और नवा रायपुर से ट्रेनों का संचालन बढ़ेगा, जिससे यात्रियों को अधिक सीटें और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

रेलवे के अनुसार एक ट्रेन की धुलाई और मैकेनिकल मेंटेनेंस में लगभग छह घंटे का समय लगता है। इसमें कोचों की जांच, मरम्मत और सफाई का कार्य किया जाता है। दुर्ग वॉशिंग स्टेशन पर जगह की कमी के कारण कई बार ट्रेनों के रखरखाव में परेशानी आती है, जिसका असर समयपालन पर भी पड़ता है।

30 से अधिक ट्रेनों की होगी एक साथ मेंटेनेंस

रायपुर रेल मंडल के डीआरएम दयानंद ने बताया कि केंद्री स्टेशन के पास वॉशिंग स्टेशन निर्माण का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रस्तावित वॉशिंग स्टेशन में एक साथ 30 से अधिक ट्रेनों की धुलाई और मरम्मत की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही रेल कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवासीय कॉलोनी भी विकसित की जाएगी। इससे नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी।

दुर्ग वॉशिंग स्टेशन पर कम होगा दबाव

नई सुविधा शुरू होने के बाद दुर्ग वॉशिंग स्टेशन पर पड़ने वाला भार काफी कम हो जाएगा। वर्तमान में वहां एक समय में लगभग 12 ट्रेनों की ही धुलाई और मेंटेनेंस की व्यवस्था है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नए वॉशिंग स्टेशन से ट्रेनों के रखरखाव में तेजी आएगी और देरी की समस्या में भी कमी होगी।

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