रायपुर। प्रदेश के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई में आने वाले जून माह के बिजली बिल में बड़ा झटका लगने वाला है। बिजली कंपनियों ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) को बढ़ाकर 11.23 प्रतिशत कर दिया है। पिछले माह यह शुल्क 9.13 प्रतिशत था। यानी इस बार उपभोक्ताओं को करीब 2 प्रतिशत अधिक FPPAS शुल्क देना होगा।
इतना ही नहीं, अगस्त में आने वाले जुलाई के बिजली बिल में भी FPPAS शुल्क लागू रहेगा। इसके साथ ही बिजली का नया टैरिफ भी प्रभावी होने से उपभोक्ताओं की बिजली और महंगी हो जाएगी।
हर महीने बदल रहा बिजली बिल
बिजली में FPPAS शुल्क हर महीने तय होने के कारण उपभोक्ताओं के बिजली बिल में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस वर्ष जनवरी में दिसंबर के बिल पर 13.64 प्रतिशत, मार्च में 5.91 प्रतिशत, अप्रैल में 4.24 प्रतिशत, मई में 3.98 प्रतिशत, जून में 9.13 प्रतिशत और अब जुलाई के बिल के लिए 11.23 प्रतिशत FPPAS शुल्क निर्धारित किया गया है।
क्यों बढ़ा FPPAS?
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, भीषण गर्मी के दौरान बिजली की मांग बढ़ने से राज्य को बाहरी स्रोतों से अधिक बिजली खरीदनी पड़ी। इसके अलावा कोरबा के 210 मेगावाट क्षमता वाले दो संयंत्र लंबे समय तक बंद रहने से उत्पादन प्रभावित हुआ। फिलहाल भी एक 210 मेगावाट का संयंत्र बंद है। वहीं, गर्मी के कारण बिजली की मांग 7,000 मेगावाट तक पहुंच गई, जिससे अतिरिक्त बिजली खरीदने की लागत बढ़ी और उसका असर FPPAS शुल्क पर पड़ा।
उपभोक्ताओं पर असर: जुलाई में आने वाले बिजली बिल में बढ़ा हुआ FPPAS शुल्क सीधे जुड़ जाएगा, जबकि अगस्त से नए बिजली टैरिफ के लागू होने के बाद बिजली बिल में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।










