कांकेर जिले के मरकाटोला गांव में दो ग्रामीणों की जान लेने वाली मादा भालू को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वन विभाग ने पुष्टि की है कि भालू रेबीज से संक्रमित थी। रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए रायपुर भेजी गई मादा भालू की उपचार के दौरान मौत हो गई है।
दो दिन पहले मरकाटोला गांव में मादा भालू ने अचानक हमला कर सगे भाई-बहन समेत दो ग्रामीणों की जान ले ली थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद भालू को काबू किया गया।
रेस्क्यू के दौरान भालू का आक्रामक व्यवहार लगातार देखने को मिला। उसने वन विभाग के वाहन पर भी हमला कर दिया था, जिसके चलते अभियान बेहद सावधानी के साथ चलाया गया। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को घरों से बाहर नहीं निकलने और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई थी।
रेस्क्यू के बाद भालू को इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में उसके रेबीज संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। डीएफओ रौनक गोयल ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।










