बिलासपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में तेज बारिश के दौरान फॉल सीलिंग गिरने से हड़कंप मच गया। स्कूल के प्रिंसिपल ऑफिस, छठवीं कक्षा, कंप्यूटर रूम समेत कुल चार कमरों की फॉल सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। गनीमत रही कि घटना के वक्त स्कूल में छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
तेज बारिश के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, इलाके में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान स्कूल भवन के अलग-अलग कमरों की फॉल सीलिंग अचानक नीचे गिर गई। सीलिंग गिरने की आवाज से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हादसे में स्कूल के चार कमरे प्रभावित हुए हैं।
बताया जा रहा है कि घटना रात के समय हुई, जिसके चलते किसी छात्र या शिक्षक के इसकी चपेट में आने की सूचना नहीं है। हालांकि, अगर यही घटना स्कूल संचालन के दौरान होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
पहले भी जर्जर स्थिति की दी गई थी सूचना?
घटना के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक मरम्मत या सुरक्षा संबंधी कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह बड़ा सवाल है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
स्वामी आत्मानंद स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसे में स्कूल भवन के किसी हिस्से का अचानक गिरना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
अभिभावकों और स्कूल से जुड़े लोगों की मांग है कि पूरे स्कूल भवन का तत्काल सुरक्षा निरीक्षण कराया जाए, जर्जर हिस्सों की पहचान की जाए और जरूरत के मुताबिक मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए।
प्रशासन के सामने कई सवाल
इस घटना ने स्कूलों में भवनों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अगर भवन की स्थिति को लेकर पहले से शिकायत या सूचना थी, तो उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? क्या राज्य के अन्य स्कूल भवनों की भी सुरक्षा जांच की जाएगी?
फिलहाल घटना के बाद क्षतिग्रस्त हिस्सों की सुरक्षा और आगे की कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। सबसे बड़ी राहत यही है कि हादसे के वक्त छात्र और शिक्षक मौके पर मौजूद नहीं थे।









