मनेन्द्रगढ़। जिले के खोंगापानी नगर पंचायत क्षेत्र में रविवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में नहाने गए चार बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन चौथा बच्चा गहरे पानी में डूब गया। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे का शव बरामद किया।
तीन बच्चों को युवक ने बचाया
जानकारी के मुताबिक, चारों बच्चे रविवार सुबह खोंगापानी क्षेत्र स्थित तालाब में नहाने गए थे। नहाने के दौरान वे तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गए और डूबने लगे।
बच्चों को डूबता देख वहां से गुजर रहे साकिर अली ने बिना देर किए तालाब में छलांग लगा दी। उन्होंने तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन चौथा बच्चा गहरे पानी में चला गया और उसका तत्काल पता नहीं चल सका।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तालाब में तलाशी अभियान शुरू किया।
गहरे पानी से बरामद हुआ शव
काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने तालाब के गहरे हिस्से से बच्चे का शव बरामद कर लिया। मृतक की पहचान 12 वर्षीय मोहम्मद जिकरान, निवासी वार्ड क्रमांक-03 खोंगापानी, पिता मोहम्मद एजाज के रूप में हुई है।
खोंगापानी चौकी पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
तालाब की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तालाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र के कई वार्डों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग दैनिक जरूरतों और नहाने के लिए तालाबों पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस तालाब को मछली पालन के लिए एक महिला समूह को दिया गया है, वहां लोगों की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे।
न चेतावनी बोर्ड, न सुरक्षा घेरा
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तालाब के गहरे हिस्सों को चिन्हित करने के लिए चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेरा और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि खतरनाक हिस्सों की पहचान कर वहां सुरक्षा व्यवस्था की गई होती, तो हादसे का खतरा कम किया जा सकता था।
इस दर्दनाक घटना ने एक तरफ तालाब में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत क्षेत्र में पानी और सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।










