रायपुर। राजधानी रायपुर के महादेवघाट में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने परिवार के साथ पहुंचे एक युवक की नदी के तेज बहाव में बह जाने की खबर से मौके पर हड़कंप मच गया। घटना हाटकेश्वर महादेव मंदिर के पास बने घाट की बताई जा रही है।
रायपुरा सतनामीपारा निवासी युधिष्ठिर सारंग अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने महादेवघाट पहुंचा था। अस्थि विसर्जन के बाद वह घाट पर नहाने के लिए नदी में उतरा। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया।
तेज बहाव में खुद को बचाने की कोशिश
बताया जा रहा है कि युधिष्ठिर को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं हो पाया और वह पानी में आगे चला गया। युवक को तैरना आता था, इसलिए उसने तेज बहाव के बीच खुद को संभालने और किनारे तक पहुंचने की पूरी कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक युवक ने काफी देर तक हाथ-पैर चलाकर किनारे आने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह सफल नहीं हो सका। धीरे-धीरे उसकी सांसें फूलने लगीं और वह पानी की गहराई में चला गया।
यह पूरा मंजर परिजन अपनी आंखों के सामने देखते रहे। नदी का बहाव इतना तेज था कि चाहकर भी कोई युवक को बचाने के लिए पानी में नहीं उतर सका। इसके बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस और SDRF की टीम कर रही तलाश
घटना की सूचना मिलते ही डीडीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद SDRF की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। टीम नदी में युवक की तलाश कर रही है और घटनास्थल के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
परिजनों ने SDRF पर लगाया देरी का आरोप
घटना के बाद युधिष्ठिर के परिजनों ने SDRF की टीम के रेस्क्यू के लिए देर से पहुंचने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि सूचना मिलने के बाद टीम करीब एक से डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची।
परिजनों के मुताबिक घटनास्थल पर SDRF की टीम पहले से तैनात नहीं थी। सूचना मिलने के बाद टीम माना से महादेवघाट पहुंची, जिसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने में देरी हुई।
फिलहाल पुलिस और SDRF की टीम नदी में युवक की तलाश में जुटी हुई है। हादसे के बाद घाट पर मौजूद लोगों और परिजनों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।









