राजनांदगांव। विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस ने परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने विधि-विधान से मां शक्ति की आराधना कर पुलिस के शस्त्रों की पूजा की। पूजा के बाद उन्होंने तलवार से बलि की रस्म निभाई। वहीं, कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने परंपरा के अनुरूप AK-47 से हर्ष फायर भी किया।
रक्षित केंद्र में हुआ शस्त्र पूजन
विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस के रक्षित केंद्र में शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। एसपी अंकिता शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां शक्ति से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना के साथ पुलिसकर्मियों ने अपने शस्त्रों की पूजा कर कानून की रक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
तलवार से बलि की रस्म, AK-47 से हर्ष फायर
शस्त्र पूजन के दौरान एसपी अंकिता शर्मा ने तलवार से बलि की पारंपरिक रस्म पूरी की। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने हर्ष फायर किया। इस दौरान रक्षित केंद्र में उत्साह का माहौल रहा। एसपी का नीली साड़ी में तलवार से रस्म निभाने और पुलिस अधिकारियों का AK-47 से हर्ष फायर करने का वीडियो भी चर्चा में है।
निर्दोषों की रक्षा का लिया संकल्प
शस्त्र पूजन के दौरान पुलिसकर्मियों ने संकल्प लिया कि हथियारों का इस्तेमाल कानून के दायरे में रहकर अपराध पर नियंत्रण, शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। पुलिस जरूरतमंदों और असहाय लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी विजयादशमी पर शस्त्र पूजन किया गया। उन्होंने मां भवानी से समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने की शक्ति और अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने की कामना की।
जिले के थानों और चौकियों में भी हुआ आयोजन
राजनांदगांव जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और पुलिस कैंपों में भी विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन किया गया। पुलिसकर्मियों ने मां शक्ति की आराधना कर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर सहित जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह आयोजन पुलिस की परंपरा के साथ जनसेवा और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर बना।










