सिरहासार भवन में जनजातीय प्रतिनिधियों से करेंगी संवाद, राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में 23 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक अवसर देखने को मिलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहली बार सिरहासार भवन में आयोजित पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इस दौरान वे बस्तर के पारंपरिक सामाजिक प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर संवाद करेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
मुरिया दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से करेंगी मुलाकात
बस्तर दशहरा की सदियों पुरानी परंपरा से जुड़े मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मांझी-चालकी, नाइक-पाइक और मेंबर-मेंबरिन से रूबरू होंगी। इन पारंपरिक प्रतिनिधियों के साथ उनका संवाद बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था और गौरवशाली परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए बस्तर दशहरा समिति और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। उनके आगमन पर बस्तर की लोकसंस्कृति और पारंपरिक प्रतीकों के अनुरूप अभिनंदन किया जाएगा।
जगदलपुर में नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए वीवीआईपी सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया है। जारी आदेश के अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक जगदलपुर एयरपोर्ट से 25 किलोमीटर की परिधि को नो ड्रोन फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, सिरहासार भवन और मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के तीन किलोमीटर के दायरे में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ड्रोन संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
राष्ट्रपति की मुरिया दरबार में सहभागिता बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।










