भाटापारा। शहर के करीब धौराभाठा (सिद्धबाबा) क्षेत्र स्थित एक वेयरहाउस में मंगलवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हो गया। चने की बोरियों की ऊंची छल्ली अचानक गिरने से उसके नीचे दबकर दो सगे मासूम भाई-बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
खेल रहे थे बच्चे, अचानक काल बनकर गिरीं बोरियां
जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर जिले के बेलहगना (कोटा) की निवासी फगनी पटेल धौराभाठा स्थित बंशीगोपाल वेयरहाउस में साफ-सफाई का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थी। मंगलवार को भी वह काम में जुटी थी। उसी दौरान उसकी 6 वर्षीय बेटी प्रतिमा पटेल और 5 वर्षीय बेटा अखिलेश पटेल पास में ही खेल रहे थे।
खेलते-खेलते दोनों बच्चे चने की ऊंची छल्ली के पास पहुंचे ही थे कि अचानक भारी-भरकम बोरियां भरभराकर उनके ऊपर गिर गईं। चीख-पुकार सुनकर लोग मदद के लिए दौड़े और बच्चों को बाहर निकाल कर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मां के सिर से उठा दुखों का पहाड़
मृत बच्चों के पिता का निधन पहले ही हो चुका था। मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पाल रही मां की आंखों के सामने ही उसके दोनों कलेजे के टुकड़े हमेशा के लिए छिन गए। बेसहारा मां का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसे देख अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जांच में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी एचएस सिदार के निर्देशन में एसडीओपी तारेश साहू और ग्रामीण थाना प्रभारी हेमंत पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर बोरियों की छल्ली कैसे धसकी और क्या वेयरहाउस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
“पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि छल्ली किन परिस्थितियों में गिरी। वेयरहाउस प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी।”
— तारेश साहू, एसडीओपी









