बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रदेश अध्यक्ष पद और बालोद में आयोजित राष्ट्रीय जंबूरी को लेकर छिड़ा विवाद अब उच्च न्यायालय पहुंच गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा दायर याचिका पर मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस एन.के. व्यास की सिंगल बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा विवाद? (The Controversy)
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य सरकार ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल को स्काउट-गाइड के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। बृजमोहन अग्रवाल ने इस फैसले को असंवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी है। बृजमोहन अग्रवाल का तर्क है कि उन्हें पद से हटाना नियमों के विरुद्ध है। अग्रवाल ने अध्यक्ष के नाते जंबूरी के आयोजन में वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने का दावा करते हुए इसे रद्द करने का निर्देश दिया था। दूसरी ओर, राज्य आयुक्त ने सांसद के निर्देशों को भ्रामक बताते हुए बालोद में 9 से 13 जनवरी तक जंबूरी का सफल आयोजन जारी रखा।
जंबूरी का स्थान बदलने पर भी सवाल
सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि पूर्व में राज्य परिषद ने इस राष्ट्रीय जंबूरी का आयोजन राजधानी नया रायपुर में करने का निर्णय लिया था। हालांकि, बाद में बिना किसी ठोस कारण के इसे बदलकर बालोद जिले में शिफ्ट कर दिया गया, जिसे लेकर भी अब सवाल उठाए जा रहे हैं।
हाईकोर्ट का रुख
जस्टिस एन.के. व्यास की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन से पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को तय की गई है। तब तक बालोद में चल रही जंबूरी अपने समापन चरण पर पहुंच चुकी है, लेकिन इस पर होने वाला खर्च और अध्यक्ष पद की वैधानिकता अब जांच के घेरे में है।









