नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को भारी हंगामे के बीच पीठासीन की ओर कागज उछालने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के सात और CPI(M) का एक सांसद शामिल है। सांसदों के निलंबन के बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया, जिसके चलते स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी।
पेपर उछालने के बाद कार्रवाई
दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंक दिए। इस पर स्पीकर ने पहले कार्यवाही को दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था।
ध्वनिमत से पारित हुआ निलंबन प्रस्ताव
तीन बजे चौथी बार कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन ने इस अनुशासनहीन व्यवहार को गंभीर बताते हुए संबंधित सांसदों को नेम करने की बात कही। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने पेपर उछालने वाले सांसदों को शेष बजट सत्र से निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
इन सांसदों को किया गया निलंबित
स्पीकर ने संसदीय नियमों के उल्लंघन के आरोप में जिन सांसदों को निलंबित किया, उनमें- मणिकम टैगोर, गुरजीत औजला, राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, प्रशांत पोडोले, वेंकट रमन और डीन कुरियोकोज शामिल हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद भी विपक्षी सांसदों द्वारा चेयर की ओर कागज फेंकने का आरोप लगाया गया।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
निलंबन के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार दिया है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
घटना के बाद संसद परिसर में सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने सरकार की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए विरोध तेज करने के संकेत दिए हैं, वहीं सत्ता पक्ष अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाए हुए है।










