रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने शुक्रवार को प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम, प्रदेश में धान के सूखत का मुद्दा और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी
बघेल ने Nitish Kumar के संदर्भ में कहा कि भाजपा की रणनीति पहले से ही साफ थी कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब एमएलसी पद से इस्तीफा दिया गया था, तभी यह संकेत मिल गया था कि आगे राजनीतिक समीकरण बदलेंगे।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अनुभवी नेता हैं और उन्होंने कई बार राजनीतिक दांव चलते हुए सत्ता में वापसी की है, लेकिन अब भाजपा नेतृत्व की रणनीति के कारण उनकी स्थिति कमजोर हुई है। बघेल ने यह भी कहा कि चुनाव में नीतीश कुमार के नाम पर वोट लेने के बाद उन्हें किनारे कर देना गलत राजनीतिक परंपरा को दर्शाता है।
उपराष्ट्रपति के इस्तीफे का मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar के इस्तीफे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय इस्तीफे की वजह बीमारी बताई गई थी, लेकिन बाद में बयान आया कि वे बीमार नहीं थे। बघेल ने कहा कि इस तरह के मामलों पर पत्रकारों को भी सवाल पूछने चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
धान सूखत पर सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के दौरान होने वाले “सूखत” (धान के वजन में कमी) के मुद्दे पर भी बघेल ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इस समय तापमान 35 डिग्री से ऊपर चल रहा है, ऐसे में धान में सूखत होना स्वाभाविक है।
बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने नियम बना दिया है कि सूखत का नुकसान समितियों पर डाला जाएगा, जबकि धान खरीदी केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में कर्मचारियों को दोष देना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि धान खरीदी के बाद भी कई जगहों पर डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) क्यों नहीं काटा गया। उनके मुताबिक, धान के रोटेशन की वजह से यह स्थिति पैदा हो रही है।
बरसात और धान खरीदी पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन जिलों में सबसे कम बारिश हुई, वहां धान खरीदी सबसे ज्यादा दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि Bemetara जिले में सबसे कम बारिश हुई, लेकिन वहां धान खरीदी प्रदेश में शीर्ष पर है, जबकि Mahasamund दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक धान उत्पादक जिले जैसे Janjgir-Champa, Balod और Dhamtari पीछे रह गए हैं। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि “यह विष्णु के सुशासन में सब संभव है।”
कानून व्यवस्था पर भी निशाना
प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी बघेल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। होली के दौरान हुई हत्या और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण में विफल हो रही है।
गृहमंत्री Vijay Sharma पर कटाक्ष करते हुए बघेल ने कहा कि वे एक जिले की स्थिति संभालने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था कैसे संभाल पाएंगे।








