रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से सुकून दिया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए डराने वाली चेतावनी जारी की है। 17 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू (Heatwave) चलने की आशंका है।
आज की स्थिति: बारिश ने घोली फिजा में ठंडक
शुक्रवार सुबह राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, बिलासपुर, मुंगेली, लोरमी और रायगढ़ में घने काले बादलों ने डेरा डाला और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। पिछले कुछ दिनों से 42 से 44 डिग्री सेल्सियस की मार झेल रहे लोगों के लिए यह बारिश एक बड़ी राहत बनकर आई। तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की आगामी चेतावनी (Key Highlights):
| घटनाक्रम | विवरण |
| तेज अंधड़ | अगले 4 दिनों तक 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। |
| बिजली का अलर्ट | प्रदेश के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका। |
| तापमान में वृद्धि | 17 मई से पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ने के आसार। |
| सबसे गर्म जिला | वर्तमान में राजनांदगांव 44°C के साथ सबसे ऊपर है। |
17 मई से शुरू होगा ‘लू’ का सितम
राहत के बीच मौसम विभाग (IMD) ने सचेत किया है कि यह सुकून अस्थायी है। 17 मई से मध्य छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप फिर से बढ़ेगा। रायपुर और दुर्ग संभाग में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नमी कम होते ही गर्म पछुआ हवाएं तापमान को फिर से 45 डिग्री के करीब ले जा सकती हैं।
आम जनजीवन और खेती पर असर
तेज आंधी के कारण धमतरी जैसे इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि खुले में रखी फसल और खलिहानों को नुकसान पहुँचने की संभावना है।
सुरक्षा के लिए गाइडलाइन:
प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि:
- दोपहर 12 से 4 बजे तक सीधे धूप में निकलने से बचें।
- घर से बाहर निकलते समय सूती कपड़े पहनें और सिर ढंककर रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
- गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।









