दुर्ग। रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडरों की कमी के बीच राज्य सरकार ने एक बार फिर केरोसिन सप्लाई बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र के निर्देश के बाद सभी जिलों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं। दुर्ग जिले में भी इसको लेकर कवायद तेज हो गई है।
शहरी राशन दुकानों से होगी शुरुआत
प्रारंभिक योजना के तहत सबसे पहले शहरी क्षेत्रों की राशन दुकानों में केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। हर राशन कार्डधारी को अधिकतम 2 लीटर केरोसिन दिया जाएगा। इसके लिए दुकानों से डिमांड मंगाई जा रही है और उसी के आधार पर सप्लाई की जाएगी।
तय हुई कीमत और स्टॉक व्यवस्था
सरकार ने इस बार केरोसिन की कीमत करीब 63.50 रुपए प्रति लीटर तय की है। राशन दुकानदारों को कम से कम 1000 लीटर का स्टॉक रखना होगा।
साथ ही दुकानों में स्टॉक बोर्ड पर रोजाना उपलब्ध मात्रा की जानकारी दर्ज करनी होगी और वितरण के बाद हितग्राहियों से रजिस्टर में हस्ताक्षर भी कराना अनिवार्य रहेगा।
568 राशन दुकानों में तैयारी
जिले में कुल 568 राशन दुकानें संचालित हैं, जिनमें से आधे से अधिक शहरी क्षेत्रों में हैं। इन दुकानों में केरोसिन सप्लाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी दुकान से डिमांड नहीं आई है, जिसके चलते प्रक्रिया थोड़ी धीमी है। जल्द ही दुकानदारों की बैठक बुलाकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
एपीएल को छोड़कर सभी को मिलेगा लाभ
सरकारी निर्देश के अनुसार, एपीएल कार्डधारकों को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी—अंत्योदय, निराश्रित, प्राथमिक और निशक्तजन—को केरोसिन का लाभ मिलेगा।
पहले महंगा होने से घटी थी मांग
जानकारी के मुताबिक, उज्ज्वला योजना लागू होने के बाद केरोसिन की सप्लाई कम हो गई थी। वहीं कीमत बढ़कर करीब 100 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जिससे लोगों ने इसे लेना कम कर दिया। डिमांड घटने के कारण सप्लाई भी बंद जैसी हो गई थी।
अब फिर बढ़ेगी उपलब्धता
खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया के अनुसार, शासन की गाइडलाइन के मुताबिक ही केरोसिन का वितरण किया जाएगा। डिमांड मिलते ही राशन दुकानों में सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
गैस की कमी के बीच सरकार का यह फैसला आम लोगों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।










